EID UL FITR 2022 Date | EID UL FITR 2022 KAISE MANAYE

EID UL FITR 2022 Date | EID UL FITR का तरीका वक़्त हुक्म – EID KI NAMAZ kaise padhen | ID UL FITR 2022 kab hai?

EID UL FITR 2022 Date in India | Meethi Eid kab hai | Meethi Date 2022 | Eid Date

EID UL FITR 2022 Date-

Eid UL FITR kaise manaya jata hai?

EID UL FITR 2022 03 May 2022 को Celebrate किया जायेगा, क्यूंकि रमजान का माह 30 तीस दिन पूरे हुए, 29वीं रमजान को शव्वाल का चाँद नजर नहीं आया इस तरेह 03 May 2022 को ही ईद मनाई जाएगी.

जबकि वर्ष 2021 में ईद 14 मई 2021 को पूरे भारत में अदा की गई थी.

EID का अर्थ क्या है?

Eid Meaning in English-

ईद अरबी भाषा का शब्द है जिसका का माना होता है खुशी अर्थात खुशी मनाने के हैं।

ईद क्या है?

EID KYA HAI?

EID के दिन को ईद इस लिए कहते हैं। कि पूरे एक महीना मुसलमान अल्लाह की इबादत, उपवास /रोजा तराविह आदि करते हैं। Ramadan ul Mubarak के महीने में भूख और प्यास को बर्दाश्त करके रोजा रखते हैं।

रात के समय में तरावीह की नमाज अदा करते हैं, जिसके बाद रमजान का महीना गुजरने के बाद शव्वाल की 1 तारीख को EID की Namaz अदा की जाती है ।

अर्थात एक महीना भूख और प्यास बर्दाश्त करने के बाद उसके गिफ्ट में उन्हें ईद मिली है.

तो EID वास्तव में Roza का बदला/ इनाम है, क्योंकि रोजा रखने में काफी तकलीफ बर्दाश्त करनी पड़ती है.

भूक/ प्यास की शिद्दत झेलनी पड़ती है शरीर को तकलीफ को बर्दाश्त करना पड़ता है, भूख और प्यास से निढाल होना पड़ता है, उन्हें महसूस करना पड़ता है कि भूक/ प्यास की शिद्दत क्या होती है.

 हकीकत में ROZA के दरमियान उन्हें ग़रीबों / भूकों  की तकलीफ का अहसास होता है, जिन्हें दो वक्त की रोटी नसीब नहीं होती है।

 गरीब/ बेसहारा लोगों के दर्द को समझने का अवसर मिलता है एवं ऐसे बेसहारा /यतीम/ ग़रीब लोगों की सहायता कर सकें।

 इसलिए Ramadan के बाद  रोजादार अपने रोजा के बदले Sadqa देते हैं यह गरीब/ यतीम बे सहारा लोगों मे बांटा जाता है।

 जिससे गरीब लोगों के लिए कुछ सहारा हो।

LOCKDOWN MEIN EID UL FITR KAISE ADA KARE?

वर्ष 2020 एवं 2021 में ईद की नमाज़ लॉक डाउन में में मनाई गई थी,

वर्ष 2022 में कोरोना से राहत मिलने के कारण सभी ईद गाह व मसाजिद में ईद उल फ़ित्र की नमाज अदा की जाएगी.

लॉक डाउन में Eid की नमाज कैसे अदा करेंगे जब कि पूरे देश भर में Lockdown हो.

ऐसे मे जमात के साथ नमाज़ याद करना सोशल distancing की खिलाफ वर्जी होगी। एवं वायरस के संक्रमण का खतरा भी होगा।

ऐसे हालात मे सभी उल-माए किराम ने ईद के दिन अपने घर में ही 2 या 4 रकात नफिल नमाज अदा करने की सलाह दी है।  

क्योंकि EID KI NAMAZ घर पर नहीं हो सकती है। इस  के लिए शराइत / criteria  का पूरा होना जरूरी है।

LOCKDOWN में Eid के लिए इसका ख्याल रखें।

EID के लिए जुमे की तरेह शरायत हैं।

सोशल Distancing का पालन करते हुए जरूरतमंद लोगों में फूड्स / कपड़ा / समान आदि बांटें।

EID KI NAMAZ ki fazilat aur sawab-

लॉक डाउन मे EID KI NAMAZ के लिए Eidgah नहीं जाना, जमात मे शामिल न होना यह केवल शारीरिक हाजरी से महरूमी है, नियत हाज़री के सबब सवाब का हकदार होंगे।

ईद किस दिन मनाते हैं

Eid ul fitr kab celebrate karte hain?

Ramadan जोकि Islamic Calendar का नौवां महीना है, Ramadan महीने में मुसलमान दिन के समय में खाना-पीना छोड़ कर ROZA/ Fasting रखते  हैं।

 रमजान का महीना के खत्म होते ही Sahwwal की 1 तारीख को Eid ul fitr मनाई जाती है।

Ramadan Month (रमजान का महीना) 29 दिन या 30 दिन का होता है.  

यह चांद के निकलने पर निर्भर होता है, रमजान के महीना के खतम  होने पर 29 को चांद दिख जाए, तो अगले दिन Eid ul fitr होता है।

अन्यथा 30 Ramadan के बाद अगले दिन Sahwwal की पहली तारीख होगी।

 Sahwwal की 1 तारीख को Eid ul fitr celebrate करते हैं, और Eid ki Namaz अदा करते हैं।

Eid ul fitr के दिन रोजा रखना माना है।  

ईद के दिन क्या-क्या करें?

Eid ko kya- kya kare?

यह बातें मुस्तहब है यानी बेहतर हैं :-

EID के दिन सुबह सबसे पहले हजामत बनवाएं, नाखून काटे, मिस्वाक यानी दांतो को अच्छे से साफ करें.

और नहाए, नया कपड़ा ना हो तो साफ-सुथरे कपड़े पहने।

EID के दिन अंगूठी हो तो अंगूठी पहने, खुशबू (इत्र ) लगाएं।

 खुशबू लगाने में इसका ख्याल रहे कि वह इत्र  अल्कोहल फ्री हो।

सुबह की नमाज मस्जिद में पढ़ें, EID KI NAMAZ पढ़ने के लिए EIDGAH जल्दी जाए.

 ईद की  नमाज से पहले सदका ए फित्र अदा करें, ईदगाह पैदल जाएं, एक रास्ता से जाकर दूसरे रास्ता से वापस आयें।

 ईदगाह जाने से पहले चंद खजूर खाएं या फिर कोई मीठी चीज खाएँ।

खुशी का इजहार करें, गरीब, फकीर, बेसहारा लोगों के बीच ज्यादा से ज़्यादा रूपए/ पैसे, सामान, कपड़ा आदि बांटें।

आपस में एक दूसरे को बधाई/ मुबारकबाद दें।

EID KI NAMAZ के बाद लोग आपस में मुसाफहा/ मुआनका करें।

 एक दूसरे की मुबारकबाद देते हैं, आपस में खुशी का इजहार करते हैं।

सदका ए फित्र  क्या है?

What is SADQA E FITR?

नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया है कि रोजा आसमान और जमीन के बीच रुका रहता है, जब तक सदका ए फित्र अदा न किया जाए ।

SADQA E FITR kab zaruri hai?

Eid ul fitr के दिन सुबह होते ही SADQA E FITR वाजिब हो जाता है।  

सदका वाजिब होने के लिए जरूरी है कि मुसलमान मालिक  निसाब हो। “मालिक निसाब” के लिए फिकह कि किताबों को देखें।

SADQA E FITR कितना अदा करना जरूरी है?

SADQA E FITR की मिक़दार/ वज़न गेहूं या उसका आटा या सत्तू आधा साअ  यानी 2 किलो 47 ग्राम प्रत्येक व्यक्ति की तरफ से दे।

खजूर /मुनक्का / किशमिश/ जौ या उसका आटा एक साअ यानी 4 किलो 94 ग्राम प्रत्येक व्यक्ति की तरफ से अदा करे।

SADQA E FITR में अनाज के बदले इनका दाम / रुपए भी बांट सकते हैं।

ईद की नमाज का तरीका।

EID KI NAMAZ KAISE ADA KARE? कैसे अदा करते हैं

EID कि 2 रकात नमाज़ पढ़ी जाती है. EID KI NAMAZ वाजिब है।

पहली रक`अत

1-ईद की नमाज़ पढ़ने का तरीका यह है कि सबसे पहले अल्लाह हू अकबर कहकर  हाथ बांध ले। और सना पढ़ें

( इन दुआओं के लिए किताबों को देख सकते हैं)

2-  सना पढ़ने के बाद फिर कानों तक हाथ उठाएं,अल्लाह हू अकबर कहता हुआ हाथ छोड़ दे।

 3- फिर अल्लाह हू अकबर कहता हुआ कानों तक हाथ उठाएं और  छोड़ दें।

4-  फिर हाथ उठाकर अल्लाहुअकबर कहें और हाथ को बांध लें।

 यानी पहली तकरीर मे  हाथ बाँधें, और चौथी तकदीर में हाथ बाँधें।

हाथ बांधने के बाद इमाम तिलावत करेंगे।  फिर रुकु करेंगे। और सजड़े करेंगे।

दूसरी रक`अत

फिर दूसरी रकअत के लिए खड़ा हो तो पहले अल्हम्दु और सूरत इमाम पढ़ेंगे।

तिलवात के बाद रुकु मे जाने से पहले तीन बार कानों तक हाथ उठाकर अल्लाह हू अकबर कहें।  और हाथ छोड़ दें।

 और चौथी बार हाथ उठाए बिना अल्लाह हू अकबर कहकर रुकू में जाएं।

 और बाकी नमाज पूरी करें।

नमाज के बाद इमाम दो खुतबा पढ़ेंगे सभी लोग खुतबा को ध्यान से सुनें।

आखिर में दुआ मांग कर यह प्रक्रिया खत्म करते हैं सारे लोग अपने घरों को वापस हो जाते हैं।

Eid ul Fitr ki kuchh khas batein –

EID की रात (चाँद रात) को ज्यादा से ज्यादा दुआ करें। क्यूंकी इस रात की दुआ कबूल होती है।  ईद के दिन भी अधिक से अधिक दुआ

अपने लिए अपने देश की भलाई के लिए करें इस दिन दुआ ज्यादा कबूल होती है।

ईद के दिन सुबह नहाए, साफ-सुथरे कपड़े पहने, नया हो तो नया कपड़ा पहनें।

EID के दिन सुबह खजूर, मीठी चीज वगैरा खाएं, बेजोड़ नंबर में खजूर खाना सुन्नत है।

LOCKDOWN MEIN EID UL FITR KAISE CELEBRATE करें?

EID UL FITR CELEBRATE करने के लिए आप वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने दोस्त, रिश्तेदार, फैमिली के लोगों से मिल सकते हैं।

 उनसे बात करें उन्हें बधाई /मुबारकबाद दें और खुशी का इजहार करें,

ZOOM, SKYPE द्वारा ग्रुप वीडियो कॉलिंग के माध्यम से एक दूसरे से बातें करें.

 लोगों का हालचाल जाने.  गरीब, मजबूर लोगों को भी कॉल करना ना भूलें।

सभी लोगों को कॉल करें मैसेज भेजने के बजाय-

लोड डाउन के पीरियड में लोग डिफिकल्टी में गुजर रहे हैं, खाने-पीने बहुत सारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।

ऐसे में लोगों को कॉल कर उनका हालचाल जानें, उन्हें ईद का मैसेज/ मुबारकबाद  दें।

जरुरतमन्द लोगों में खाना आदि डिस्ट्रीब्यूट करें।

अपने घर पर एक खुशगवार  माहौल बनाने का प्रयास करें, अच्छे या नए कपड़े पहनें, घर को साफ -सुथरा करें एवं सजाएं।

 बच्चों को अलग-अलग प्रकार कि एक्टिविटीज करने का अवसर दें उन्हें बीमारी, सफाई के बारे में  बताएं, जागरूक करें, अच्छी बातें उन्हें सिखाएं।

EID KI TAKBEER (TAKBEER TASHRIQ kya hai?)

TAKBEER TASHRIQ अधिक से अधिक पढ़ें।

Gift distribute to Friends, Children-

दोस्त, रिश्तेदार, पड़ोसी, बच्चों के बीच सोशल distancing का पालन करते हुए गिफ्ट बांटें।

या फिर ऑनलाइन एक दूसरे को गिफ्ट/ तोहफा दे सकते हैं। इससे आपस में मोहब्बत बढ़ेगी।

LOCKDOWN का पालन करते हुए EID मनायें.

FAQ-

EID UL FITR 2022 Date near Kishanganj | EID UL FITR 2022 Date near Bihar
Q- EID UL FITR 2022 Date in India

Ans- 03 May 2022 को ईद मनाई जाएगी.

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